नेहरू की पुण्य तिथि पर श्रद्धांजलि
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मुस्कुरा रही होगी तेरी आत्मा (?)
यह होड़ देखकर
जो लगी है कुछ लोगों के बीच
तुझे बौना दिखाने की
तेरी छवि धूमिल करने की
तुम्हारे किये को अनकिया करने की ।
इतना बड़ा कद
जिसे अबतक कोई छू नहीं पाया
इतना व्यापक और उद्दात चिन्तन
कि विरोधियों ने भी लोहा माना
विराट स्वप्नदर्शी
अभूतपूर्व दूरदर्शी
औद्योगिक भारत के जनक
इतनी सारी योजनाएं
और महज 17 साल की अवधि ।
गाँधीवादी नहीं
किन्तु गाँधी के अति प्रिय
मार्क्सवादी नहीं
किन्तु मार्क्स का सम्यक ज्ञान
अर्थशास्त्री नहीं
किन्तु आर्थिक नीतियों पर पूर्ण नियंत्रण
वैज्ञानिक नहीं
किन्तु विज्ञान पर अटूट विश्वास
इतिहासकार नहीं
किन्तु इतिहॉस की गहरी समझ ।
हे आधुनिक और जनतांत्रिक भारत के निर्माता !
तुम्हारी पुण्य तिथि पर
कृतज्ञ राष्ट्र करता है तुम्हें नमन
और करता है अर्पित श्रद्धा - सुमन !
---- कुमार सत्येन्द्र
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