मनुआ - 70 पेट्रोल - डीजल की कीमत में लगातार हो रही बढोत्तरी के खिलाफ बिरसा चौक पर प्रदर्शन एवं सभा करके हम लौटे ही थे कि पांडे आ धमका। उसने आते ही मनुआ से पूछा -- " अरे मनुआ ! ई काक्रोच जनता पार्टी का बला है ? सुन रहे हैं कि सोशलमीडिया में धमाल मचवले है❓ " " ए भइया! बहुत जादे तो हम भी एकरा बारे में न जानते हैं। इतना सुने है कि चारे दिन में लाखों लड़िकन सब इसका मेंबर बन गए हैं। अच्छा हुआ भइया कि तुमने ई सवाल उठा दिया। बाबूजी ही एकरा बारे में डिटेल से बतायेंगे। " मनुआ ने मेरी ओर इशारा कर कहा। दोनों की निगाह मुझ पर टिक गईं। " अरे, इसकी शुरुआत पिछले दिनों एक मुकदमे के दौरान सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की एक वाहियात टिप्पणी से हुई है । उन्होंने देश के बेरोजगार नौजवानों की तुलना कॉक्रोच से कर दी। तुम्हें तो मालूम है कि हमारे देश में बेरोजगारी अब तक के उच्चतम स्तर पर हैं। नौजवानों में घोर निराशा व्याप्त है। कोढ़ में खाज यह कि आए दिन नौकरी के लिए हो रही परीक्षाएँ परचा लीक हो जाने के कारण रद्द हो जा रही हैं। अभी कुछ दिन पहले मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के ल...
मनुआ -- 69 भीषण गर्मी से परेशान मनुआ शाम में अपने घर के बाहर बैठा था। तपती दुपहरी के बाद शाम का तापमान थोड़ा कम हुआ था। परन्तु, घर के अंदर अब भी ऊमस भरी गर्मी थी। बाहर पुरवा हवा धीमी - धीमी चल रही थी। बाहर गली में आकर उसने थोड़ी राहत महसूस की। तभी रघु महतो बड़बड़ाते हुए पहुंचे। अस्पष्ट शब्दों में वे अपनी खीझ निकाल रहे थे। मनुआ ने जिज्ञासावश पूछ दिया -- " क्या हुआ रघु काका ? कहाँ से आ रहे हैं ? कोई झर - झमेला ....? " रघु महतो को मानो ऐसे ही किसी व्यक्ति का इंतजार था, जिससे बोलकर वे अपनी भड़ास निकाल सकें। वे फट पड़े --- " नहीं जाना चाहिए था..... गलती मेरी ही है। धरम के नाम पर राजनीति... हिन्दू सम्मेलन के नाम पर अपनी राजनीति चमकाने आ गए...! मुझे क्या मालूम था , चला गया देखने - सुनने .... ! पर, वहाँ तो धार्मिक प्रवचन की जगह राजनीतिक भाषण चल रहा था.....! " वे अपनी रौ में बोले जा रहे थे। मनुआ को समझते देर न लगी कि वे कहाँ से आ रहे हैं। पिछले कुछ महीनों से मोहल्ले के छोटे से मैदान में एक संगठन के कुछ नौजवान मोहल्ले के छोटे - छोटे बच्चों को व्यायाम और कसरत के नाम पर इकट...