** मेरी पहली समुद्री यात्रा -- 2 ( कोलकाता में प्रथम संक्षिप्त प्रवास ) जिस महानगर को आज हम कोलकाता कहते हैं, तब उसका नाम कलकत्ता था। अंग्रेजी में Calcutta. । नेवी के मेरे कुछ अंग्रेजीदां मित्र उसे सिर्फ Cal . कहकर भी संबोधित करते थे। खैर, मैं उस शहर में पहली बार आया था और उसके इतिहास - भूगोल से बिलकुल ही अनजान था। इसलिए कहीं भी घूमने जाने के लिए अपने सिनियर्स पर पूरी तरह निर्भर था। आज का पता नहीं, पर उन दिनों बेस या शिप से सेलर्स के लिए " शॉर्ट लिव " , जिसे हम " लिबर्टी " कहते थे, शाम 4 बजे से रात्रि 12 बजे तक होती थी। उससे पहले हमें अपने बेस या शिप में आ जाना होता था। यह " लिबर्टी " शब्द शायद ब्रिटिश सरकार सेलर्स के " शॉर्ट लिव " के लिए प्रयोग करती थी। 1947 से पहले जहाजों के अफसरान ज्यादातर गोरे होते थे और सेलर्स ( नाविक) भारतीय। इसलिए उन्होंने कुछ ऐसे शब्द भारतीय सेलर्स के लिए बनाए थे जो हमें हमेशा यह एहसास कराये कि हम उनके गुलाम हैं। वे हमें मनुष्य की बजाय " हैंड्स " मानते थे। एक सेलर या...
** पहली समुद्री यात्रा ** सुनकर माँ रोने लगी थी। उसके लिए तथा हमारे गाँव के अन्य सभी लोगों के लिए अंदमान - निकोबार द्वीप समूह का सिर्फ एक ही अर्थ था -- कालापानी। बात 1974 की जनवरी की है। देश को आजाद हुए महज दो - ढाई दशक ही हुए थे और कालापानी अभी तक लोगों के जेहन में घर किए बैठा था। हलांकि, आजादी के बाद केंद्र शासित प्रदेश के रूप में वह भारत का अभिन्न हिस्सा बन चुका था , जिसकी राजधानी पोर्टब्लेयर है । घर के काम से मां को जब भी फुर्सत मिलती, वह उदास नजरों से मुझे निहारने लगती। एक तरफ उसे इस बात की खुशी थी कि मेरी नौकरी घर की माली हालत बदल देगी तो दूसरी ओर यह चिंता भी कि इतनी कम उम्र में अनजाने परदेश में मैं कैसे जाऊंगा और रहूँगा! तब मेरी उम्र सिर्फ 18 वर्ष थी । ट्रेनिंग के बाद मिली एक महीने की छुट्टी समाप्त होने को थी और मैं इस बात से अनजान था कि पो...