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ठगवा

ठगवा फिर दुअरा पर आयल

वादा करके खुब भरमयलक
पाँच बरिस पर मुँह देखयलक
हाथ जोड़ के दाँत निपोरित
तनिको न शरमायल
ठगवा फिर.................

जे कहलक से कुछ न कयलक
चढ़ सिंघासन पलटी खयलक
पूंजी के गोदी मे बइठल
हमनी के लुलुआयल
ठगवा फिर....................

चलके हमनी पैदल अइली
राह में कतने लाठी खइली
भुखले रखलक कोरंटिन में
सबहिन के ढनकायल
ठगवा फिर ....................

जाति-धरम में खुब उलझयलक
बस्ती में दंगा करवयलक
भाई भाई में लड़वा के
सगरे आग लगायल
ठगवा फिर.....................

देखली ओकर चौकीदारी
हो गेल रेहन खेती - बारी
चूल्हा में पानी पड़ गेलक
नोकरी ला तड़पायल
ठगवा फिर....................









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