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भारत की बेटियाँ

** भारत की बेटियाँ **

उसकी नहीं
तुम्हारी जुबान कटी है
देख लो टटोल कर
चूर चूर हो गई हैं
तुम्हारी रीढ़ की हड्डियाँ
तुम हो गए हो रीढ़विहीन

हर बेबस बच्ची के साथ होता है
तेरा भी बलात्कार
सड़ चुके हो तुम
हाँ..हाँ , मर चुके हो तुम
कल उठा था
तेरा भी जनाजा
चिता पर जले थे तुम भी

यह शोक गीत
उसके लिए नहीं
तुम्हारे लिए है,
वह तो जिंदा है अब भी
करोड़ों दिलों की धड़कन बनकर

गौर से देखो
निकल रही हैं चिंगारियाँ
करोड़ों आँखों से ,
धू-धू कर जलेगी
तुम्हारी पाप की नगरी
बचा सको तो बचा लो
देखो ,आ रही हैं
कतार-दर-कतार
मचाती हाहाकार
बेटियाँ
भारत की बहादुर बेटियाँ .

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